अध्याय 15

हमारा पर्यावरण

Our Environment

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📖 अध्याय नोट्स

पारितंत्र (Ecosystem)

  • जीवों और उनके अजीव पर्यावरण (माहौल) के बीच की परस्पर क्रिया।
  • जैविक घटक: उत्पादक (पौधे), उपभोक्ता (शाकाहारी, मांसाहारी), अपघटक (जीवाणु, कवक)।
  • अजैविक घटक: मिट्टी, हवा, पानी, तापमान।

आहार श्रृंखला और जाल (Food Chain & Web)

  • ऊर्जा प्रवाह का पथ: उत्पादक → प्राथमिक उपभोक्ता → द्वितीयक उपभोक्ता।
  • 10% का नियम: एक पोषी स्तर से दूसरे तक केवल 10% ऊर्जा ही जाती है (बाकी 90% ऊष्मा में खो जाती है)। लिंडमैन ने दिया।
  • जैव आवर्धन (Biological Magnification): हानिकारक रसायनों (जैसे DDT) का أعلى पोषी स्तर (शिखर उपभोक्ता) के शरीर में जमा होना।

पर्यावरण की समस्याएं

ओजोन परत (O₃): समताप मंडल (Stratosphere) में होती है। UV किरणों से बचाती है (त्वचा कैंसर से रक्षा)। CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) इसे नष्ट कर रहे हैं।

कचरा प्रबंधन

  • जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable): प्राकृतिक रूप से अपघटित होते हैं (कागज, छिलके)।
  • अजैव निम्नीकरणीय (Non-biodegradable): अपघटित नहीं होते (प्लास्टिक, कांच)।

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Quick Revision

  • पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव एकदिशीय (Unidirectional) होता है।
  • सर्वोच्च पोषी स्तर में ऊर्जा सबसे कम और हानिकारक रसायन सबसे अधिक होते हैं (जैव आवर्धन)।
  • ओजोन (O₃) ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से बनती है।
  • 1987 में UNEP ने CFC उत्पादन सीमित करने पर सहमति बनाई (क्योटो प्रोटोकॉल / मॉन्ट्रियल)।
  • अपघटक (Decomposers) पर्यावरण के सफाईकर्मी होते हैं।
  • हरे पौधे सूर्य की ऊर्जा का केवल 1% ही खाद्य ऊर्जा में बदलते हैं।

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