अध्याय 16

प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन

Management of Natural Resources

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📖 अध्याय नोट्स

संसाधनों का प्रबंधन क्यों?

  • संसाधन सीमित हैं, बढ़ती आबादी के लिए इनका 'संपोषित विकास' (Sustainable Development) और न्यायपूर्ण वितरण आवश्यक है।
  • पर्यावरण को बचाने के 5R: Refuse (इनकार), Reduce (कम उपयोग), Reuse (पुन: उपयोग), Repurpose (पुन: प्रयोजन), Recycle (पुनर्चक्रण)।

वन और वन्य जीव

  • वन 'जैव-विविधता' के विशिष्ट स्थल (Hotspots) हैं।
  • दावेदार (Stakeholders): स्थानीय लोग, वन विभाग, उद्योगपति, प्रकृति प्रेमी।
  • अमृता देवी बिश्नोई: 1731 में खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए 363 लोगों के साथ बलिदान दिया।
  • चिपको आंदोलन: 1970 के दशक में गढ़वाल (उत्तराखंड) में पेड़ों को गले लगाकर कटने से बचाना।

जल प्रबंधन और बांध

  • बांध का लाभ: सिंचाई, विद्युत उत्पादन, पानी की आपूर्ति।
  • हानि: विस्थापन, जैव विविधता नष्ट होना, वनों का डूबना, आर्थिक लागत।
  • जल संग्रहण (Water Harvesting): राजस्थान (खादीन), महाराष्ट्र (बंधारस), मध्य प्रदेश (बुंदेल)। भूमिगत जल स्तर बढ़ाना।
कोयला और पेट्रोलियम जीवाश्म ईंधन हैं। इन्हें बनने में लाखों वर्ष लगते हैं, इसलिए इनका विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी है।

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Quick Revision

  • पुनर्चक्रण (Recycle) से बेहतर पुन: उपयोग (Reuse) है क्योंकि रीसायकल में ऊर्जा लगती है।
  • गंगा सफाई योजना (Ganga Action Plan) 1985 में शुरू हुई थी (कोलिफॉर्म जीवाणु के स्तर के कारण)।
  • संसाधनों का दोहन आर्थिक हित के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल होना चाहिए।
  • खेजड़ी का पेड़ बिश्नोई समाज द्वारा संरक्षित किया गया था।
  • वॉटर हार्वेस्टिंग भूमिगत जल (Ground water) को रिचार्ज करने का बेहतरीन तरीका है।
  • कोयला और पेट्रोलियम के जलने से ग्रीनहाउस गैस (CO₂) बढ़ती है।

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