अध्याय 13

विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव

Magnetic Effects of Electric Current

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📖 अध्याय नोट्स

चुंबकीय क्षेत्र और क्षेत्र रेखाएं

  • चुंबक के चारों ओर का क्षेत्र जहाँ बल महसूस किया जा सके।
  • गुण: रेखाएं उत्तरी ध्रुव (N) से निकलकर दक्षिणी ध्रुव (S) पर जाती हैं। चुंबक के अंदर S से N।
  • रेखाएं कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं। जहाँ रेखाएं पास होती हैं, क्षेत्र प्रबल होता है।

विद्युत धारावाही तार से चुंबकीय क्षेत्र

  • दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम: यदि दाएँ हाथ से तार पकड़ें, अंगूठा धारा (I) की दिशा में हो, तो मुड़ी उंगलियां चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताएंगी।
  • परिनालिका (Solenoid): पास-पास लिपटे तांबे के तार की बेलनाकार कुंडली। इसके अंदर चुंबकीय क्षेत्र समान रूप से प्रबल होता है। (विद्युत चुंबक बनाने में उपयोग)।

चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर बल

फ्लेमिंग का वामहस्त (बाएं हाथ) नियम: यदि अंगूठा, तर्जनी और मध्यमा को लंबवत फैलाएं - तर्जनी (क्षेत्र), मध्यमा (धारा), तो अंगूठा बल की दिशा बताएगा। (विद्युत मोटर का सिद्धांत)।

घरेलू विद्युत परिपथ

  • विद्युन्मय तार (Live wire): लाल, 220V.
  • उदासीन तार (Neutral): काला, 0V.
  • भू-संपर्क तार (Earth): हरा, सुरक्षा के लिए।
  • शॉर्ट सर्किट: लाइव और न्यूट्रल तार के सीधे टच होने से धारा अचानक बढ़ना।

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Quick Revision

  • बार मैग्नेट का चुंबकीय क्षेत्र परिनालिका के समान होता है।
  • चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करतीं।
  • परिनालिका (Solenoid) के भीतर चुंबकीय क्षेत्र एक समान (Uniform) होता है।
  • विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है।
  • घरेलू आपूर्ति: 220 V और 50 Hz आवृत्ति (A.C.)।
  • विद्युत फ्यूज जूल के तापन नियम पर आधारित सुरक्षा युक्ति है।

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