अध्याय 12

विद्युत

Electricity

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📖 अध्याय नोट्स

विद्युत धारा और विभवांतर

  • विद्युत धारा (I): आवेश प्रवाह की दर। I = Q/t. SI = एम्पीयर (A)। एमीटर से मापते हैं (श्रेणी क्रम में)।
  • विभवांतर (V): एकांक आवेश को ले जाने में किया गया कार्य। V = W/Q. SI = वोल्ट (V)। वोल्टमीटर से मापते हैं (पार्श्व क्रम में)।

ओम का नियम (Ohm's Law)

V = IR
जहाँ R प्रतिरोध (Resistance) है। SI = ओम (Ω)

प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक

  • R ∝ L (लंबाई के अनुक्रमानुपाती)
  • R ∝ 1/A (अनुप्रस्थ काट क्षेत्र के व्युत्क्रमानुपाती)
  • R = ρ(L/A) जहाँ ρ = प्रतिरोधकता (Resistivity) है।

प्रतिरोधकों का संयोजन

  • श्रेणीक्रम (Series): R_eq = R₁ + R₂ + R₃ (धारा समान, विभवांतर अलग)।
  • पार्श्वक्रम (Parallel): 1/R_eq = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ (विभवांतर समान, धारा अलग)। घरो में वायरिंग पार्श्वक्रम में होती है।

विद्युत धारा का तापीय प्रभाव

जूल का नियम: H = I²Rt
  • विद्युत शक्ति (Power): P = VI = I²R = V²/R. SI = वाट (W)। 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J (यूनिट)।

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Quick Revision

  • Q = n × e (जहाँ e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C)।
  • एमीटर (Ammeter) हमेशा श्रेणीक्रम में जुड़ता है।
  • वोल्टमीटर हमेशा पार्श्वक्रम (समानांतर) में जुड़ता है।
  • प्रतिरोधकता (ρ) पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करती है, लंबाई/मोटाई पर नहीं।
  • हीटर, टोस्टर मिश्र धातु (Alloy) निक्रोम के बनते हैं (उच्च प्रतिरोधकता)।
  • फ्यूज तार का गलनांक कम होता है, इसे लाइव तार से श्रेणीक्रम में लगाते हैं।

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