अध्याय 11

मानव नेत्र और रंग-बिरंगा संसार

Human Eye and Colourful World

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📖 अध्याय नोट्स

मानव नेत्र (Human Eye)

  • कॉर्निया (स्वच्छ मंडल): सबसे बाहरी पारदर्शी परत, प्रकाश प्रवेश करता है।
  • परितारिका (Iris): पुतली के साइज को नियंत्रित करती है, आँख का रंग।
  • पुतली (Pupil): प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है।
  • नेत्र लेंस: उत्तल लेंस (प्रोटीन से बना), दृष्टि पटल (Retina) पर वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनाता है।
  • समंजन क्षमता (Accommodation): सिलियरी पेशियों द्वारा फोकस दूरी बदलने की क्षमता। स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी = 25 cm।

दृष्टि दोष (Defects of Vision)

  • निकट दृष्टि दोष (Myopia): पास का दिखे, दूर का नहीं। निवारण: अवतल (Concave) लेंस।
  • दीर्घ दृष्टि दोष (Hypermetropia): दूर का दिखे, पास का नहीं। निवारण: उत्तल (Convex) लेंस।
  • जरा-दूरदृष्टिता (Presbyopia): आयु के साथ, द्विफोकसी (Bifocal) लेंस से निवारण।

प्रकाश का विक्षेपण (Dispersion)

प्रिज्म से सफेद प्रकाश का 7 रंगों (VIBGYOR) में बटना। लाल रंग का विचलन सबसे कम, बैंगनी का सबसे अधिक। इंद्रधनुष इसी का परिणाम है।

वायुमंडलीय अपवर्तन और प्रकीर्णन

  • तारों का टिमटिमाना (अपवर्तन)। अग्रिम सूर्योदय।
  • आकाश का नीला रंग, खतरे का संकेत लाल (लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है)।

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Quick Revision

  • मानव नेत्र रेटिना पर वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनाता है।
  • सामान्य आँख के लिए निकट बिंदु 25 cm और दूर बिंदु अनंत होता है।
  • Myopia (निकट दृष्टि) के लिए अवतल लेंस।
  • Hypermetropia (दूर दृष्टि) के लिए उत्तल लेंस।
  • आकाश का नीला रंग प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering) के कारण है।
  • अंतरिक्ष यात्री को आकाश काला दिखाई देता है क्योंकि वहाँ वायुमंडल नहीं है।

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